Ticker

12/recent/ticker-posts

यूपी सरकार को हाई कोर्ट की फटकार: 30 सील मदरसों को तुरंत खोलने का आदेश

 


उत्तर प्रदेश सरकार को एक बड़ी झटका देते हुए हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार को 30 सील किए गए मदरसों को तुरंत खोलने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने बिना उचित सुनवाई के और नोटिस दिए बगैर इन मदरसों को बंद किया, जो कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ है।

हाई कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यह कहा कि सरकार को पहले मदरसों को अपनी बात रखने का मौका देना चाहिए था, जो कि नहीं दिया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि नोटिस ठीक से नहीं दिए गए और उनका पक्ष रखने का कोई अवसर नहीं मिला। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्र ने कोर्ट में याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखा, जिसे कोर्ट ने सही पाया।

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार अब सुनवाई के बाद ही नए आदेश जारी कर सकती है और आगे की कार्रवाई विधि सम्मत तरीके से की जा सकती है। सरकार के वकील ने इस फैसले का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि अब बिना उचित सुनवाई के किसी मदरसे को बंद नहीं किया जा सकता।

यह फैसला तब आया है जब इससे पहले हाई कोर्ट ने श्रावस्ती जिले के ढाई दर्जन से अधिक मदरसों को बंद करने के लिए जारी नोटिसों को रद्द कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने सरकार को नया नोटिस जारी करने की छूट दी थी, बशर्ते वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करे।

इससे पहले इसी साल 5 जून को हाई कोर्ट ने इन नोटिसों पर रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश पारित किया था। याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि मदरसों को बंद करने से पहले कोई उचित नोटिस नहीं दिया गया था, और नोटिस भी बिना किसी सोच-विचार के जारी किए गए थे, क्योंकि सभी नोटिसों में एक ही नंबर था।

सरकार ने अपनी दलील में कहा कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैर-सरकारी अरबी और फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा नियमावली-2016 के तहत की गई थी और उसमें कोई अवैधता नहीं थी।

यह मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है, और सरकार को अपनी कार्रवाई को विधिक प्रक्रिया के अनुसार पुनः परिभाषित करने का अवसर मिल चुका है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ