राष्ट्र एकता दिवस
नमन राष्ट्र भारत . चमन राष्ट्र भारत ।
वंंदन है शत शत , वतन राष्ट्र भारत ।।
अनेकों ही रंग के सुमन खिल रहे ।
लघु सर तड़ागों कमल खिल रहे ।।
स्तुति वंदना सांझ करते है आरत ।.........१
अनेकों है जाति फिर भी एकता है ।
साे आदर की दृष्टि जगत देखता है ।।
बने विश्व गुरु हीअब मेरा ये भारत ।...........२
कुछ है कुपूत यहाँ भारत माता के बेटे ।
कुछ करते है मेहनत कुछ खाते है लेटे ।।
करे सिंह गर्जन कुछ करते है आरत ।.........३
कुछ गद्दार है कुछ सिंह गर्जन से डरते ।
कुछ बहादुर है दुख दीनदुखियों का हरते ।।
गणनायक यहाँ विघ्न बाधा को टारत ।.........४
मक्खन हृदय है जो सज्जन यहाँ पर ।
बनूँ वज्र उनको जो दुर्जन यहाँ पर ।।
हरे राम कृष्णा कुछ गीत गीता पुकारत ।..........५
राजेश तिवारी 'मक्खन'
झांसी उ प्र

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