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राष्ट्र एकता दिवस- राजेश तिवारी 'मक्खन'

 राष्ट्र एकता दिवस


नमन राष्ट्र भारत . चमन राष्ट्र भारत ।
वंंदन है शत शत , वतन राष्ट्र भारत ।।

अनेकों ही रंग के सुमन खिल रहे ।
लघु सर तड़ागों  कमल खिल रहे ।।
स्तुति वंदना सांझ करते है आरत ।.........१

अनेकों है जाति फिर भी एकता है ।
साे आदर की दृष्टि जगत देखता है ।।
बने विश्व गुरु हीअब मेरा ये भारत ।...........२

कुछ है कुपूत यहाँ भारत माता के बेटे ।
कुछ करते है मेहनत कुछ खाते है लेटे ।।
करे सिंह गर्जन कुछ करते है आरत ।.........३

कुछ गद्दार है  कुछ सिंह गर्जन से डरते ।
कुछ बहादुर है दुख दीनदुखियों का हरते ।।
गणनायक यहाँ विघ्न बाधा को टारत ।.........४

मक्खन हृदय है जो सज्जन यहाँ पर ।
बनूँ  वज्र उनको  जो दुर्जन यहाँ पर ।।
हरे राम कृष्णा कुछ गीत गीता पुकारत ।..........५

राजेश तिवारी 'मक्खन'
झांसी उ प्र

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